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अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर का चटख रंगों वाला मेहराबदार प्रवेश द्वार

हनुमान गढ़ी

टीले पर बना हनुमान जी का गढ़

हनुमान गढ़ी अयोध्या के बीचोबीच एक छोटे क़िले की तरह उठी है — गोल कोने वाले बुर्ज और मोटी दीवारें। परंपरा के अनुसार प्रभु श्रीराम ने यह स्थान हनुमान जी को दिया ताकि वे नगर की रखवाली कर सकें, और तीर्थयात्री लंबे समय से सबसे पहले यहीं आते रहे हैं, ताकि राम के अपने मंदिर जाने से पहले हनुमान जी की आज्ञा ले सकें।

76 सीढ़ियों का ज़ीना मंदिर तक चढ़ता है, जहाँ मुख्य प्रतिमा में बाल हनुमान अपनी माता अंजनी की गोद में बैठे हैं। वर्तमान मंदिर आम तौर पर 18वीं सदी का माना जाता है और कहा जाता है कि यह अवध के नवाब के सहयोग से बना।

हनुमान गढ़ी में क्या करें

76 सीढ़ियाँ चढ़ें

सीढ़ियाँ खड़ी पर छोटी हैं, और रास्ते में लड्डू, फूल और सिंदूर की दुकानें हैं। गर्म दिनों में धीरे-धीरे चढ़ें।

हनुमान जी को लड्डू चढ़ाएँ

बेसन के लड्डू यहाँ का पारंपरिक चढ़ावा हैं। नीचे की किसी मिठाई की दुकान से ख़रीदकर गर्भगृह पर पुजारियों को दें; वे उसका एक हिस्सा प्रसाद के रूप में लौटा देते हैं।

ऊपर से नगर को देखें

ऊपरी तल से रामकोट की छतों के पार राम मंदिर की ओर देखा जा सकता है — दिशाओं का अंदाज़ा लगाने का अच्छा तरीक़ा।

क़िले जैसे हनुमान गढ़ी मंदिर का गोल बलुआ पत्थर का बुर्ज और ऊँची दीवारअयोध्या में फ़ुटपाथ पर बैठे दो बंदर

हनुमान गढ़ी कैसे पहुँचें

  • पैदल: हनुमान गढ़ी राम पथ और राम मंदिर के बीच की गली पर है — मंदिर के प्रवेश से लगभग दस मिनट की पैदल दूरी और अयोध्या धाम जंक्शन से क़रीब 1 किमी।
  • ई-रिक्शा से: हनुमान गढ़ी चौराहा कहें; वाहन पहुँच वाली गली के मुहाने पर रुकते हैं।

स्थानीय सुझाव

  • हनुमान जी के दिन मंगलवार और शनिवार को भीड़ कहीं ज़्यादा रहती है — जल्दी आएँ या कोई और दिन चुनें।
  • यहाँ के बंदर निडर हैं। प्रसाद ढककर रखें, चश्मा सँभालें और खुला खाना साथ न रखें।
  • बुज़ुर्गों के लिए सीढ़ियाँ कठिन हो सकती हैं; चढ़ने से पहले मदद के बारे में स्थानीय स्तर पर पूछ लें।
  • मंदिर लंबे समय तक खुला रहता है, पर त्योहारों के दिन समय बदलता है; पहुँचकर पूछ लें।

हनुमान गढ़ी को शामिल करने वाले टूर

ये गाइडेड ट्रिप हनुमान गढ़ी को कवर करते हैं या इसके साथ आसानी से जोड़े जा सकते हैं:

प्रांगण के पार से दिखता अयोध्या का राम मंदिर प्राइवेट डे-ट्रिप शुरुआती US$40
🕒 1 दिन 📍 प्रस्थान लखनऊ

लखनऊ: अयोध्या और राम मंदिर का प्राइवेट टूर

लखनऊ से कार द्वारा अयोध्या में गाइड के साथ एक प्राइवेट दिन। आप राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, दशरथ महल और अन्य प्राचीन स्थल देखते हैं और शाम को वापस लौटते हैं।

  • राम मंदिर दर्शन
  • हनुमान गढ़ी
  • दशरथ महल और अन्य प्राचीन मंदिर
अयोध्या में हनुमान गढ़ी का क़िले जैसा बलुआ पत्थर का बुर्ज प्राइवेट डे-ट्रिप
🕒 8 घंटे 📍 प्रस्थान लखनऊ

लखनऊ से: गाइड के साथ अयोध्या प्राइवेट डे-ट्रिप

लखनऊ से गाइड के साथ प्राइवेट डे-ट्रिप: राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, कनक भवन और अन्य स्थल, साथ में सरयू के घाटों पर शांत सैर।

  • राम जन्मभूमि
  • हनुमान गढ़ी और कनक भवन
  • सरयू के घाटों पर सैर
लाइव उपलब्धता

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काम की बातें

हनुमान गढ़ी: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

तीर्थयात्री राम मंदिर से पहले हनुमान गढ़ी क्यों जाते हैं?

पुरानी परंपरा के अनुसार भक्त पहले हनुमान जी का आशीर्वाद और अनुमति लेते हैं, जिन्हें अयोध्या का रक्षक माना जाता है। यह नियम नहीं, परंपरा है।

हनुमान गढ़ी में कितनी सीढ़ियाँ हैं?

सड़क से मुख्य मंदिर तक छिहत्तर सीढ़ियाँ हैं।

क्या प्रवेश शुल्क है?

नहीं। प्रवेश निःशुल्क है; चढ़ावा आपकी इच्छा पर है।