अयोध्या पूर्वी उत्तर प्रदेश में, सरयू के दक्षिणी तट पर है। मंदिर खुलने के बाद से यहाँ नया हवाई अड्डा और नए सिरे से बना रेलवे स्टेशन मिला है, और यह व्यस्त लखनऊ–गोरखपुर राजमार्ग पर है, इसलिए यहाँ पहुँचना पहले से कहीं आसान हो गया है।
नीचे दी गई दूरियाँ और समय अनुमानित हैं और सामान्य यातायात के हिसाब से हैं। सर्दियों के कोहरे, बरसात और त्योहारों के आसपास ज़्यादा समय रखें।
सड़क मार्ग: एक नज़र में दूरियाँ
| कहाँ से | दूरी | सामान्य समय | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| लखनऊ | लगभग 135 किमी | 2.5–3 घंटे | चार लेन का राजमार्ग (NH27); मुख्य प्रवेश-द्वार शहर |
| गोरखपुर | लगभग 135 किमी | 2.5–3 घंटे | वही राजमार्ग, पूर्व की ओर से |
| प्रयागराज | लगभग 165 किमी | 3.5–4 घंटे | सुल्तानपुर या प्रतापगढ़ होकर |
| वाराणसी | लगभग 200–220 किमी | 4–5 घंटे | जौनपुर और सुल्तानपुर होकर |
| दिल्ली | लगभग 650–700 किमी | 10–12 घंटे | लखनऊ होकर एक्सप्रेसवे से; ट्रेन या उड़ान ज़्यादा आसान है |
हवाई मार्ग से
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम (IATA: AYJ) 2023 के अंत में खुला और मंदिर क्षेत्र से लगभग 10 किमी दूर है। एयरलाइनें दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों से सीधी उड़ानें चलाती रही हैं, लेकिन रूट और फेरे अक्सर बदलते हैं — एयरलाइनों से पता कर लें। उड़ानों के समय टैक्सी और ऐप कैब मिलती हैं; इलेक्ट्रिक बसें भी हवाई अड्डे को शहर से जोड़ती रही हैं।
अगर सुविधाजनक उड़ान न मिले, तो लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (LKO) से कहीं ज़्यादा उड़ानें हैं और वह सड़क से लगभग तीन घंटे दूर है। गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज के हवाई अड्डे दूसरे विकल्प हैं।
ट्रेन से
अयोध्या में दो मुख्य स्टेशन हैं:
- अयोध्या धाम जंक्शन (स्टेशन कोड AY) — मंदिर नगरी का नए सिरे से बना स्टेशन, राम मंदिर के प्रवेश से लगभग 1–1.5 किमी। अगर आपकी ट्रेन यहाँ रुकती है तो यही चुनें।
- अयोध्या कैंट (AYC) — पुराना फ़ैज़ाबाद जंक्शन, मंदिर से लगभग 8–10 किमी, जहाँ लंबी दूरी की कई ट्रेनें आती हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएँ अयोध्या को कानपुर और लखनऊ होकर दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) से, तथा गोरखपुर और लखनऊ से जोड़ती रही हैं। अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें — बिना वातानुकूलन वाली लंबी दूरी की सेवाएँ — भी यहाँ रुकती हैं; इनमें से पहली को अयोध्या से ही हरी झंडी दिखाई गई थी। कई और एक्सप्रेस ट्रेनें अयोध्या को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, वाराणसी और प्रयागराज से जोड़ती हैं। ट्रेन नंबर, ठहराव और समय बदलते रहते हैं, इसलिए IRCTC या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम देखें, और त्योहारों की तारीख़ों के लिए पहले से बुक करें।
बस से
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसें लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी से साधारण और वातानुकूलित श्रेणियों में बार-बार चलती हैं। दिल्ली से निजी कोच रात भर में पहुँचाते हैं। बसें राजमार्ग पर स्थित अयोध्या बस स्टेशन पर आती हैं; वहाँ से पुराने शहर के लिए ई-रिक्शा लें।
कार या टैक्सी से
लखनऊ से NH27 पर चार लेन का सीधा-सादा सफ़र है। डे-ट्रिप के लिए पूरे दिन की प्राइवेट टैक्सी सबसे आरामदेह तरीक़ा है, और लखनऊ और वाराणसी से गाइडेड डे-टूर ठीक यही देते हैं। निजी वाहन मंदिर तक नहीं जा सकते: आपको पार्किंग क्षेत्र की ओर भेजा जाएगा और आगे पैदल या ई-रिक्शा से जाना होगा।
अयोध्या में आना-जाना
- पैदल। राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन और दशरथ महल एक-दूसरे से लगभग एक किलोमीटर के भीतर हैं। चौड़े किए गए राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर चौड़े फ़ुटपाथ हैं।
- ई-रिक्शा। छोटी दूरी का सामान्य साधन — स्टेशन से राम पथ, या मंदिरों से घाटों तक। ये साझा भी चलते हैं और पूरा बुक करके भी; बैठने से पहले किराया तय कर लें।
- इलेक्ट्रिक बसें। शहर की ई-बसें मुख्य मार्गों पर चलती रही हैं, जिनमें हवाई अड्डा और अयोध्या कैंट भी शामिल हैं। रूट और फेरे बदलते रहते हैं।
- टैक्सी और ऐप कैब गुप्तार घाट, हवाई अड्डे और अयोध्या कैंट स्टेशन के लिए सबसे अच्छे हैं।
त्योहारों के दिन और जब भी भीड़ बहुत ज़्यादा होती है, पुलिस बीच की सड़कें सभी वाहनों के लिए बंद कर देती है और पैदल के लिए एकतरफ़ा मार्ग बना सकती है। संकेतों और घोषणाओं का पालन करें, और सामान्य से ज़्यादा पैदल चलने के लिए तैयार रहें।

