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अयोध्या के गुप्तार घाट पर मंदिरों के सामने पूजन सामग्री के साथ बैठा एक पुजारी

गुप्तार घाट

प्रभु श्रीराम की अंतिम यात्रा का शांत घाट

गुप्तार घाट नगर के पश्चिमी, फ़ैज़ाबाद वाले छोर पर सरयू के किनारे है। परंपरा के अनुसार यहीं प्रभु श्रीराम नदी में उतरे और संसार छोड़ गए — उनकी जल समाधि — और इसीलिए इस नाम को दृष्टि से ओझल हो जाने के भाव से जोड़ा जाता है।

सीढ़ियों की चौड़ी क़तारें 19वीं सदी में राजा दर्शन सिंह ने बनवाईं। इनके ऊपर कई पुराने मंदिर हैं, जिनमें सीता-राम मंदिर, चक्रहरि मंदिर और एक नरसिंह मंदिर शामिल हैं। नया घाट की तुलना में यह खुला और शांत है, और बहुत-से यात्रियों को यह अयोध्या की सबसे ध्यानमय जगह लगती है।

गुप्तार घाट में क्या करें

सीढ़ियों से सूर्योदय देखें

सुबह-सुबह का समय सबसे अच्छा है, जब तीर्थयात्री स्नान करते हैं और नदी शांत होती है। शामें भी सुहानी होती हैं।

सरयू में नाव की सैर करें

जलस्तर ठीक हो तो नाविक घाट से छोटी सैर कराते हैं। दाम और समय पहले तय कर लें, और लाइफ़ जैकेट दी जाए तो पहनें।

पुराने मंदिर देखें

सीढ़ियों के ऊपर सीता-राम, चक्रहरि और नरसिंह मंदिरों तक चढ़ें; हाल के वर्षों में नदी तट को रास्तों और बैठने की जगहों के साथ सँवारा भी गया है।

कंपनी गार्डन में टहलें

घाट के पास का औपनिवेशिक काल का सार्वजनिक बाग़ सैर के लिए छायादार जगह है।

गुप्तार घाट की सीढ़ियों के ऊपर क्रीम रंग की मंदिर इमारतेंशांत सरयू नदी पर छतरी वाली छोटी नाव

गुप्तार घाट कैसे पहुँचें

  • राम मंदिर क्षेत्र से: पश्चिम में लगभग 8–10 किमी; टैक्सी, ऑटो या ई-रिक्शा से 25–40 मिनट मानकर चलें।
  • अयोध्या कैंट स्टेशन से: केवल कुछ किलोमीटर दूर, इसलिए वहाँ आगमन या प्रस्थान के साथ इसे आसानी से जोड़ा जा सकता है।
  • टूर के साथ: कुछ कई दिन वाले और नौका विहार वाले कार्यक्रमों में सरयू शामिल है; हमारे टूर पेज पर हर लिस्टिंग देख लें।

स्थानीय सुझाव

  • वापसी की सवारी रोककर रखें, या पिकअप का समय तय कर लें — यहाँ पुराने नगर की तुलना में ई-रिक्शा कम मिलते हैं।
  • बरसात में नदी चढ़ी हुई और तेज़ रहती है; नौका विहार रोका जा सकता है।
  • घाट के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।
  • मंदिर क्षेत्र से आने-जाने समेत लगभग डेढ़ घंटा रखें।

गुप्तार घाट को शामिल करने वाले टूर

ये गाइडेड ट्रिप गुप्तार घाट को कवर करते हैं या इसके साथ आसानी से जोड़े जा सकते हैं:

अयोध्या में शांत सरयू नदी पर छतरी वाली छोटी नाव प्राइवेट डे-ट्रिप शुरुआती US$114
🕒 10 घंटे 📍 प्रस्थान लखनऊ

लखनऊ से: भोजन और नौका विहार के साथ अयोध्या प्राइवेट टूर

लखनऊ से प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि का प्राइवेट टूर, जिसमें सरयू नदी में नौका विहार और शाकाहारी भोजन शामिल है।

  • श्री राम जन्मभूमि
  • सरयू में नौका विहार
  • शाकाहारी भोजन
रात में पानी में झिलमिलाते राम की पैड़ी के जगमगाते घाट कई दिन का टूर शुरुआती US$222
🕒 3 दिन 📍 प्रस्थान अयोध्या

मंदिरों और सरयू आरती के साथ 3 दिन की अयोध्या आध्यात्मिक यात्रा

अयोध्या में इत्मीनान के तीन दिन — इसके प्राचीन मंदिर, घाट और सरयू नदी पर संध्या आरती।

  • अयोध्या के प्राचीन मंदिर
  • शांत घाट
  • सरयू पर संध्या आरती
लाइव उपलब्धता

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काम की बातें

गुप्तार घाट: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुप्तार घाट क्यों महत्वपूर्ण है?

इसे उस स्थान के रूप में पूजा जाता है जहाँ प्रभु श्रीराम ने जल समाधि ली — अपने दिव्य धाम लौटने के लिए सरयू में प्रवेश किया।

गुप्तार घाट राम मंदिर से कितनी दूर है?

लगभग 8–10 किमी, यानी सड़क से क़रीब आधा घंटा।

क्या गुप्तार घाट पर नाव की सैर हो सकती है?

आम तौर पर हाँ, जब नदी का जलस्तर सुरक्षित हो। बरसात में सैर बंद हो सकती है।